Vijay Mitra

*दर्शनशास्त्र

दर्शन वो ज्ञान है जो परम सत्य और प्रकृति के सिद्धांतों और उनके कारणों की विवेचना करता है । दर्शन यथार्थता की परख के लिये एक दृष्टिकोण है।

भारतीय दर्शन और फिलासफी (en:Philosophy) एक नहीं क्योंकि दर्शन यथार्थता, जो एक है, का तत्वज्ञान है जबकी फिलासफी विभिन्न विषयों का विश्लेषण। इसलिये दर्शन में चेतना की मीमांसा अनिवार्य है जो पाश्चात्य फिलासफी में नहीं।

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भारतीय दर्शन

आस्तिक या वैदिक दर्शन

वैदिक परम्परा के ६ दर्शन हैं :

  1. मीमांसा
  2. न्याय
  3. वैशेषिक
  4. सांख्य
  5. योग
  6. वेदान्त

यह दर्शन पराविद्या, जो शब्दों की पहुंच से परे है, का ज्ञान विभिन्न दृष्टिकोणों से समक्ष करते हैं। प्रत्येक दर्शन में अन्य दर्शन हो सकते हैं, जैसे वेदान्त में कई मत हैं।

नास्तिक दर्शन

  1. चार्वाक
  2. बौद्ध
  3. जैन
  1. प्राचीन पाश्चात्य दर्शन
  • सुकरात
  • आरस्तु
  • प्लेटो
  1. आधुनिक पाश्चात्य दर्शन
  • देकार्त
  • स्पिनोजा
  • कांट
  • ह्यूम

समकालीन पाश्चात्य दर्शन

  • ज्यां-पाल सार्त्र
  • ए जे एयर
  • विट्गेंस्टाइन

 समकालीन भारतीय दर्शन

  1. श्री अरविन्द
  2. राधाकृष्णन
  3. ओशो रजनीश

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संपादक- मिथिलेश वामनकर

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